प्रकृति द्वारा प्रदत सुंदर दांत भोजन चबाने का काम करते हैं इसके साथ यह है चेहरे की सुंदरता बढ़ाते हैं बचपन अवस्था और जवानी अवस्था में दांत रहते हैं तब तक उसका आनंद लेते हैं जिनसे गन्ना चूसना, चना चबाना भोजन करना या अन्य कोई कठोर चीज खाना लेकिन जब दांत गिर जाते हैं तब यह सब आनंद मन का मन में ही रह जाता है।
मन उनका भी करता है जिनके दांत गिर जाते हैं लेकिन खाए भी तो कैसे? आजकल वैसे तो पीसकर या जूस बनाकर भी लिया जा सकता है लेकिन प्रकृति द्वारा प्रदत दांत तो दांत ही होते हैं। जब दांतों से चबाकर खाते हैं खाने से अलग ही रस बनता है।
![]() |
| हमारे सुंदर दांत |
दांत गिर क्यों जाते हैं क्या कारण है?
दांत गिरने का पहला कारण भोजन करना है और दूसरा भोजन के बाद दांतों को ठीक से सफाई न करने से दांत गिर जाते हैं अब आपके मन में यह प्रश्न आएगा कि भोजन करने से दांत कैसे गिरते हैं?
उसका भी कारण है यह है कि हम भोजन को किस तरीके से करते हैं मुख के अंदर छोटे रोटी के टुकड़े खाते हैं या बहुत बड़े-बड़े टुकड़े लेते हैं। आप अपने हाथों से नरम भोजन देते हो या बहुत कठोर या फिर मुंह को पूरा भर लेते हो तब खाते हो जब आप खाते हैं तो बड़े टुकड़े लेने से दांतों के मसूड़े पर लगता है। यह प्रक्रिया बहुत बार होने से मसरूडे दांन्तो पर से हटने लगते हैं जिससे दांत हिल्कर गिरने लगते हैं।
दांतों की जड़े क्यों निकल जाती है?
जब कोई पेड़ ऊंचाई पर खड़ा हो तब उसकी जड़ों के पास लगी मिट्टी के कोई चीज बार-बार टकराने से मिट्टी हटने लगे जाती है और फिर आंधी तूफान में पेड़ गिर जाते हैं ठीक इसी प्रकार हमारे दांत होते हैं।
दांत ऊंचाई पर खड़े होते हैं जब हम भोजन करते हैं तब बार-बार भोजन के बड़े टुकड़ों को मसरोड़ों से टकराने से, कठोर चीज के टकराने से मसरूडे दांतों से अलग होने लगते हैं यह बहुत धीमी प्रक्रिया है किसी को पता नहीं चलता बहुत अधिक गहराई से जानने के बाद ही पता चलता है।
दांतों को कीड़ा लगना क्या होता है?
दांतों को शुरुआत में कोई कीड़ा नहीं लगता भोजन लगता है जब भोजन दांतों को चिपक जाता है और बहुत दिनों तक चिपका रहने के बाद वह पत्थर का रूप ले लेता है और दांत को हवा ने लगने के कारण वह दांत गलने लगता है दांत को हवा में लगने के कारण उसमें मैल जम जाता है और फिर कीड़े लगने की संभावना हो जाती है दांत काला हो जाता है वास्तव में वह शुरुआत में दांत को भोजन चिपकता है अगर ऐसी स्थिति से बचना चाहते हो तो आप दांतों को कभी भी खाना खाने के बाद भोजन ना चिपकने देना।
दांतों को साफ कैसे करें?
आजकल दांतों को साफ करने के लिए बहुत से अलग-अलग कोलगेट निकाली हुई है इनमें से ज्यादातर हड्डियों से बनती है। जब आप व्रत रखते हैं और सुबह-सुबह हड्डियों से बनी हुई कोलगेट से दांत साफ करते हैं तो क्या यह आपको अच्छा लगता है? इसलिए आप हड्डियों से बनी हुई कोलगेट इस्तेमाल कभी ना करें आप आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बना हुआ पाउडर, या आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां से बनी हुई कोलगेट ही इस्तेमाल कीजिए।
![]() |
| दांतों को ब्रश से जोर देकर ना रगड़े, दांतों की सफाई करने के लिए बाहर की कोलगेट को छोड़कर घर में बने हुए देशी उपचार काम में ले। |
दांत साफ करने के लिए घर में बनी हुई भी पेस्ट या दातुन इस्तेमाल कर सकते हैं वह सबसे बढ़िया है।
- सरसों तेल में नमक मिलाकर
- सरसों तेल में हल्दी और नमक मिलाकर
- दांतों के पीले पन को हटाने के लिए मीठा सोडा जिसे कास्टिक सोडा भी बोल सकते हैं उसको ब्रूश या अंगुली से रगड़कर साफ कर सकते हैं।
- नीम की दातून से ।
- दांतों के पीले पन के लिए नींबू और नमक से साफ कर सकते हैं।
- कीकर की दातून से जिससे दांत और मसरूडे भी स्वस्थ होते हैं।
दांत टेडे क्यों हो जाते हैं?
जब आप दांतों को उंगलियों या ब्रुश से बहुत ज्यादा दबाव देकर रगड़ते हो तब यह जोर दांतों के साथ-साथ उनकी जड़ों पर पड़ता है जिससे दांतों की जड़े टेडी होने से दांत टेडे हो जाते हैं। शरीर के अंग बहुत ही नाजुक हैं जैसे आंख, नाक, कान, मुंह, सिर कभी भी इन पर दबाव मत दीजिए। किसी-किसी का मुंह बहुत लंबा हो जाता है वह ऐसा ही कारण होता है वह चेहरे पर ज्यादा दबाव देते हैं और दांतों को रगड़ रगड़कर साफ करते हैं जिससे वह अंदर की तरफ चले जाते हैं और गोल चेहरा लंबा हो जाता है।
दांतों में पायरिया रोग क्या है? और यह कैसे होता है?
पायरिया रोग के कारण मसूड़े में खून आना शुरू हो जाता है और मसूड़े फूल जाते हैं यह तब होता है जब आप भोजन करने के बाद दांतों को अच्छी तरह से साफ नहीं करते दांतों को अच्छी तरह से साफ नहीं करने के कारण उन्हें भोजन रह जाता है और धीरे-धीरे सड़न पैदा होती है और उसे सदन के कारण मसूड़े फूल जाते हैं भोजन रहने के कारण मसूड़े फूल जाते हैं और फूलने से उनमें थोड़ी सी चीज टकराते ही खून आने लगता है। इसलिए इसके बचाव के लिए आप अपने दांतों को भोजन के बाद पूर्णत साफ करें।
इंसान के दांत और पशु के दांत में क्या अंतर है?
इंसान के दांत कमजोर होते हैं क्योंकि इंसान को शाकाहारी भोजन करने के लिए बनाया गया है इंसान को ऐसे ही डांट दिए जिससे वह शाकाहारी भोजन कर सकें। बहुत से पशु भी शाकाहारी होते हैं परंतु उन पशुओं के दांत कठोर चारा चबाने के लिए होते हैं। और किसी-किसी पशुओं के जानवरों के दांत बहुत नुकीले और तीखी होते हैं जैसे शेर के दांत उनको इसलिए बनाया गया है ताकि वह मांस खा सके उसका भोजन मांस है। लेकिन इंसान का भोजन शाक है।
नया दांत आने से बहुत दर्द होता है कैसे दूर करें?
जब नया दांत मांस को हटाकर ऊपर की ओर आता है तब दर्द होता है। उसे समय आप दो रोटी की जगह एक रोटी खाएं । जिससे उसे दांत की प्रगति या प्रक्रिया धीमी हो जाएगी और आपका दर्द भी काम हो जाएगा क्योंकि ज्यादा खाने से जब ज्यादा रस बनेगा तो दांत की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी और दांत जल्दी बाहर आएगा तो दर्द करेगा। इसलिए आप उसे समय भोजन थोड़ा काम कर दीजिए जिससे दांत धीरे-धीरे आएगा तो दर्द नहीं करेगा।
![]() |
| सुंदर दांत प्रकृति की अनमोल देन |
दांत और जीभ से क्या शिक्षा मिलती है?
दांत जब मनुष्य जन्म लेता है उसके बाद में आते हैं परंतु जिव्या मनुष्य के जन्म के साथ ही होती है। दांत आने के बाद अकड़े रहते हैं यानी सख्त रहते हैं। और जीभ मुलायम रहती हैं। दांत मनुष्य की मृत्यु से पहले ही गिर जाते हैं लेकिन दिव्या जो मनुष्य की मृत्यु होती है तब साथ में ही जाती है। अब आप इनमें अंतर देखो। एक अकड़ा तो बाद में आया और पहले चला गया दूसरी जीभ साथ में आई और साथ में गई। यही बात जीवन में लागू होती है जो इंसान अकड़ता है वह पहले चला जाता है और जो भी विनम्र रहता है वह समय पर जाता है।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Like