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रविवार, 20 अक्टूबर 2024

करवा चौथ का व्रत किस लिए किया जाता है? उसके क्या नियम होने चाहिए?

गृहस्थ जीवन बहुत ही उत्तम जीवन है। यहां रहकर मनुष्य, पति-पत्नी भक्ति करते हैं जो अपने आप को पूर्ण रूप से जानते हैं और घर की मान मर्यादा कुल मर्यादा में रहकर जीवन बिताते हैं उनका जीवन सफल होता है वह सदैव सुखी रहते हैं। गृहस्थ जीवन में नारियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है जिसमें वह चाहती है कि उनके पति की आयु लंबी हो पूर्ण रूप से स्वस्थ रहें उन माता, बेटियों, बहनों के लिए क्या नियम होने चाहिए उन्हीं के बारे में जानिए।

करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं।

आप व्रत क्यों रखती है? क्या कारण है?

हर कार्य करने के पीछे एक विधान होता है कि हम जो कार्य कर रहे हैं जो मन में श्रद्धा का भाव है वह क्यों है? किस लिए हैं जो काम हम कर रहे हैं वह क्यों कर रहे हैं? यह जानने के बाद जिसने गलत नीतियां अपना रखी है वह सही रास्ते पर आ जाते हैं यानी इन प्रश्नों से आंतत्रिक रूप से अपने आप सुधार आ जाता है। करवा चौथ का व्रत रखने के पीछे नारियों की भावना यहीं रहती है कि उनके पति की आयु लंबी हो स्वस्थ जीवन जिए। जो यह चाहती है कि उनके पति की आयु लंबी हो उनके नियमावली कैसी होनी चाहिए क्योंकि व्रत एक प्रकार से संकल्प होता है और जो जैसी भावना रखती है वह उसका भाव है और भाव के पीछे ही उसके हर कार्य होते हैं। वैसा ही इसका निर्णय और फल होते हैं।

तीन प्रकार की नीतियां 

  •  पहले प्रकार की माता, बहन, बेटियां वह हैं जो ससुराल से पीहर की ओर ले जाती है यानी ससुराल में कितना ही दुखी होते रहें परन्तु वह सदा अपने पीहर की ओर सोचती है।
  • दूसरे प्रकार की माता, बहन, बेटियां वह होती है जो पीहर से ससुराल की ओर ले जाती है यानी पीहर की तरफ माता-पिता कितने ही दुखी होते रहो बेशक परंतु सारा कुछ ससुराल के लिए इकट्ठा कर लेती है। 
  • तीसरे प्रकार की माता, बहन, बेटियां वह होती है जो ना पीहर से लाती है और ना ही ससुराल से पीहर ले जाती हैं यानी अपने पैसे अपने पास रखती है किसी की तरफ हाथ नहीं फैलाती।

आप सभी को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं।

चार प्रकार की मती 

  • चतुर-चतुर नाम चतुराई का, चतुर नारी बहन होती है जो गृहस्थ जीवन के सारे नियम निभाएं और घर में साफ सफाई रखें। अपना कार्य समय पर करें। जो पूर्ण पवित्र रहती है। घर की मान मर्यादा इज्जत रखती हैं। घर में सभी की इज्जत रखती हैं और चतुर नारी होती है।
  • चटोरी-दूसरे प्रकार की चटोरी नारी होती है जो केवल खाने-पीने पर ध्यान देती है बाकी कुछ बिगड़ा रहो। ऐसी नारी को घर की साफ-सफाई, पवित्रता से कोई मतलब नहीं होता। वह केवल खाने-पीने पर ध्यान देती है। कभी कुछ खा लिया कभी कुछ खा लिया।
  • फुहड़-तीसरे प्रकार की फुहड़ नारी होती है जो घर के साफ सफाई नहीं करती घर में गंदगी जमीं रहती है जगह-जगह बदबू आती रहती है यानी घर में गंदगी पड़ी हो बेशक वहीं पर खाना खा लेती है यानी अपने जीवन को हर तरीके गन्दगी में बिताती है।
  • क्लेशन-चौथी प्रकार की कलेक्शन नारी होती है जो 24 घंटा घर में क्लेश करती रहती हैं। कभी किसी बात को लेकर कभी किसी बात को लेकर यानी उसका काम हर वक्त घर में क्लेश करना होता है।

करवा चौथ व्रत की रस्म और नियम 

करवा चौथ पर मेहंदी

करवा चौथ के दिन महिलाएं पहले दिन से तैयारी करती है और अपने हाथ, पैरों को मेहंदी से सजाती है और करवा चौथ के दिन सजती है स्वरती हैं। पूरे दिन भूखे रहकर दिन में कहानियां सुनती है। व्रत के दौरान पति की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन के लिए व्रत करती है और रात को चांद उगने के बाद, पति का चेहरा देखने के बाद, पतिदेव को खाना खिलाने के बाद अपना व्रत खोलती है।

पति के लंबी उम्र कैसे होती है।

नारियां माता बहन बेटियां व्रत किसके लिए रखती है वह व्रत अपने पति के लिए रखती है पति की लंबी आयु स्वस्थ जीवन के लिए रखती हैं परंतु जब व्रत के दिन पति उनको कुछ लाकर ना दे फल वगरह आदि लाकर ना दे तब घर में क्लेश कर लेती है या घर में पति के पास उतने रुपए ना हो कि उसको कुछ लाकर दें। ऐसे में जो नारियां पति के साथ क्लेश करती है। जो पति का अपमान करती है, क्या उस वृत से पति की आयु लंबी हो सकती है। ऐसे व्रत का उल्टा प्रभाव पड़ता है। जो पत्नी अपने पति की मान मर्यादा इज्जत को नहीं समझती ऐसे में उनका व्रत करना ना करना बराबर है। पति की आयु लंबी तो तब होती है जब वह अपने पति की बात माने। और घर में सभी की इज्जत करें। जो नारियां पति की बात मानती नहीं और पति के लिए व्रत रखती है तो ऐसे में क्या पति की आयु लंबी हो सकती है? पति की आयु लंबी करने के लिए आप गृहस्थ नियम पर रहिए और अपने पतिदेव की बात माननें उनको सुखी रखें। जब उनको सुखी रखोगी तब उनकी आयु लंबी अपने आप हो जाएगी।

आपका व्रत सफल कब होगा।

पति का हर पल अपमान करते रहना और व्रत आने पर छलनी में चांद को देखकर खाना, खाना पति की इज्जत ना करना केवल पेट पूर्ति और छलनी में मुंह देखने से व्रत सफल नहीं होता है। आपका व्रत सफल तब होगा जब आपका पति आपसे खुश रहेगा। आप अपने पति को खुश रखोगी घर में प्रेम से रहना मिलकर हर कार्य करना सभी समस्याओं का समाधान बैठकर सुलझाना अपने पति की समस्या का समाधान करने में साथ देना। पतिदेव की इज्जत करना मान-सम्मान करना। जब इन कार्यों से आपके पति खुश होंगे तब निश्चित आपका व्रत सफल होगा।

करवा चौथ पर पति द्वारा उपहार

करवा चौथ पर उपहार

करवा चौथ पर जब महिलाएं माताएं बहन बेटियां व्रत रखती है तब उनके पति द्वारा उनको उपहार दिया जाता है। ऐसा जरूरी नहीं है परंतु वह अगर इच्छा रखते हैं तो दे सकते हैं ऐसे में कोई दिखावा नहीं करना जितनी आपकी चद्दर हो उतना पैर पसारो यानी जितना आपके पास खर्च हो खर्च करने इतने पैसे हो उससे ज्यादा खर्च मत करें। गृहस्थ जीवन, सुखी जीवन आपके दिखावे पर निर्भर नहीं करता बल्कि आपके प्रेम पर निर्भर करता है कि पति-पत्नी का आपस में कितना प्रेम है?

सकारात्मक अर्थ

हमारा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं इसमें मनुष्य के नियम बताए गए हैं अच्छे और बुरे कि एक व्रत करने वाले को क्या नियम रखना चाहिए? चतुर नाम चतुराई का, आप चतुराई का नियम अपना लीजिए जिस पति-पत्नी का प्रेम सदा बना रहे। एक बात के दो अर्थ निकलते हैं इसलिए आप सकारात्मक अर्थ पकड़ लीजिए और नकारात्मक छोड़ दीजिए। इससे आप सदा सुखी रहेंगे और आगे बढ़ते जाएंगे।

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