आज के समय जन्मदिन एक त्यौहार की तरह हो गया है आज हर कोई चाहता है कि मेरा जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाए। आज एक दूसरे की देखा देखी में सोच विचार नहीं करते केवल देखते हैं कि हमारा जन्मदिन दूसरे से बढ़िया होना चाहिए।
असल में बढ़िया कैसे होना चाहिए इसका सही अर्थ लगाना ही भूल गए हैं लोग कि तुझे प्रकृति के अनुसार क्या करना चाहिए?
क्या जन्मदिन मनाना हमारी इच्छा है या आवश्यकता
जन्मदिन केवल इंसान की इच्छा है ना की आवश्यकता इंसान की आवश्यकता पूरा होना जरूरी है इच्छा नहीं लेकिन आवश्यकता के बगैर कोई मनुष्य नहीं रहना चाहिए क्योंकि इच्छा का त्याग करने से मनुष्य जिंदा रह सकता है लेकिन आवश्यकता का त्याग करने से मनुष्य जिंदा नहीं रह सकता।
जन्मदिन मनाना अच्छी बात है लेकिन क्या हमने जाना है कि हमने जो 1 साल बिताया है या पिछले जितने भी साल बिताए हैं उसमें हमने क्या किया क्या ऐसा भी कार्य किया है जिसमें मानवता उभर सके या प्रकृति की रक्षा हो सके लोगों की देखा देखी में कभी मत फंसना जितना कुछ आपके पास हो उसी के हिसाब से चलना जिंदगी में संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है क्योंकि एक बार संतुलन बिगड़ने पर दोबारा संतुलन बनने में बहुत समय लग जाता है। अपनी गुजरी हुई एक साल से पूछे खुद से पूछे कि इस साल मैंने क्या किया और आने वाले नए साल में मुझे क्या करना है। कुकर्म करने से आपका इतिहास छिप जाता है और सुकर्म कार्य करने से आपका इतिहास छप जाता है।
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| जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। |
जन्मदिन पर मोमबत्ती का जलाना
पाश्चात्य संस्कृति में लोग जन्मदिन पर मोमबत्ती जलाते हैं और फिर फूक मार कर बुझा देते हैं यानी खुद ने ही जला दी और खुद ने ही बुझा दिया आप सोचो और विचार करो खुशियों के समय दीप जलते हैं या बुझाते हैं जब आप दीपावली मनाते हैं।
तब वह खुशी का त्यौहार होता है तब आप दिया जलाते हैं बुझाते नहीं, दीया जलाना या मोमबत्ती जलाने का अर्थ है जीवन में उजाला करना जब आपने उजाला किया है तो अंधेरा क्यों कर दिया क्या अपनी आगे की जिंदगी को अंधेरे में बिना प्रकाश के ही बिताना चाहते हैं आप सोचो और विचार करो जब भी आप जन्मदिन मनाओ तब दीपक या मोमबत्ती बुझाने नहीं है जलाना है प्रकाश करना है उजाला करना है ताकि आपकी जिंदगी में भी आने वाले सालों में उजाला भर जाए।
जन्मदिन पर केक काटना
इंसान अच्छी बातों को, कामों को बड़ा देर से सीखता है और बुरे कामों को बहुत जल्दी सीखता है देखा देखी में मत फंसो कुछ विचार करो कि जो हम कर रहे हैं क्या यह सही है?
जब आप केक काटते हैं ठीक है एक दूसरे को खिलाते हैं यह भी ठीक है परंतु वही खाने वाला केक एक दूसरे की देखा देखी में चेहरे पर भी लगा देते हैं खाने की चीज को शोक में बदल दिया सोचो और विचार करो तुम इतने महंगे केक से खेल रहे और वह भी आपकी आवश्यकता नहीं बल्कि इच्छा पूर्ति के लिए परंतु एक जगह कोई एक रोटी के लिए भी तरस रहा होगा।
आपके पैसे हैं फिर इच्छा है खुशी मनाओ खाओ लेकिन व्यर्थ तो मत गवाओ इतना शौक है तब शोक उन गरीबों के बीच में जाकर पूरा करो जो आपको दुआ देंगे आपको बहुत बड़ी खुशी मिलेगी जब आप कभी अकेले होंगे तब यही खुशी आपका अकेलापन दूर कर देगी शरीर में ताकत नहीं होगी तब ताकत भर देगी इसलिए आप खुशी मनाओ अच्छी बात है हमेशा खुश रहना चाहिए। लेकिन पाश्चात्य संस्कृति के देखा देखी में आप भारतीय संस्कृति को मत भूलो मानवता को मत भूलो।
उपहार
जन्मदिन पर उपहार देना सामान्य सी बात है जिंदगी में सब कुछ नष्टमय है आज जो स्थान, वस्तु तुम्हारे पास है वहीं कल किसी और के पास होगी या आपसे खो जाएगी या आप उसे संसार में छोड़कर चले जाओगे जो तुम्हारे काम नहीं आएगी उपहार देवो तो ऐसा उपहार देव जिससे उनको ज्ञान हो उच्च विचार आए, खुद को पहचान सके खुद को जानने के नियम जिससे वह खुद की खोज कर ले क्योंकि मनुष्य के लिए सबसे बड़ा उपहार खुद की खोज करना है खुद को जानना है खुद का अध्ययन करना है। जब वह इसको जान लेता है तब प्रभु का धन्यवाद करता है जिससे उपहार देने वाले को दुआ लगती है।
आज जिन जिन का जन्मदिन है उनको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं
आप सदा खुशहाल जीवन जीएं।


















