पक्का सौदा आश्रम रूहानी कॉलेज सदलपुर

शुक्रवार, 22 नवंबर 2024

सत साहेब: जब आप सतगुरु शरण में जाते हैं तब सतगुरु आपसे क्या चाहते है?

प्रिय ज्ञानी सतपुरुषो सतगुरु सत की ताकत होता है इसलिए जो सत की ताकत है क्या वह किसी से कुछ मांग सकती है? सतगुरु दातार का रूप है इसलिए वह केवल इंसान की बुराइयां मांगते हैं यानी छुड़वाते हैं जैसे बीड़ी, सिगरेट, गुटका, पान, तंबाकू या अन्य नशा विषय की चीजें और अच्छाइयां देता है अच्छा रास्ता बताता है शांति, संतोष, नम्रता, दया, धर्म, सादा जीवन, उच्च विचार का रास्ता बताते हैं।

संत हमेशा सत का रास्ता बताते हैं।

सतगुरु क्या चाहता है? 

संत या सतगुरु संपूर्ण जीव जगत सदा शांति से रहकर जीवन जिए संपूर्ण मानव जाति मानवता के नियम पर रहकर एक आदर्श जीवन जिए सतगुरु यहीं चाहता है। 

पूरा संसार एक परिवार है। 

संत या सतगुरु एक परिवार में सीमित नहीं होता वह पूरे संसार को अपना परिवार मानता है जो इंसान पूरे संसार को अपना परिवार मानता है वह कभी किसी के साथ गलत नहीं करता एक संत के लिए सब एक समान होते हैं वह सब को बढ़ावा देता है।

प्रकृति के अनुसार जीवन और प्रकृति की पूजा 

सतगुरु हमेशा चाहता है कि प्रत्येक मनुष्य प्रकृति के अनुसार जीवन जीए जो इंसान प्रकृति के अनुकूल जीवन जीता है वह सदा निरोग रहता है अपने आप की पहचान होती है जो मनुष्य प्रकृति के अनुसार जीवन जीता है वह खुद बुराई से दूर रहता है खुद से जुड़े सभी लोगों को बुराई से सुरक्षित रखता है ऐसा मनुष्य कभी भी प्रकृति के विरुद्ध नहीं होता वैज्ञानिक शोध भी करता है तब भी प्रकृति के अनुकूल ही करता है।

जिससे किसी भी जीव की हानि नहीं होती सतगुरु कभी भी खुद की पूजा नहीं करवाता वह कहता है कि तुम प्रकृति की पूजा करो क्योंकि प्रकृति ही सर्व शक्तिमान है। हम सब उसकी ही संतान है तुम जल, अग्नि, वायु, धरती, आकाश, सूर्य, चंद्रमा की पूजा करो इसलिए संत नाम सत्य की ताकत का जो जोड़ता परमपिता से तार संत के बताए नियम पर जो चलता उसका हो जाए बेड़ा पार

अंधविश्वास ब्रह्म भ्रांतियां से रहें दूर 

जब तक ना देखो नैना मत मानो किसी का कहना

सतगुरु चाहता है कि तुम किसी भी ब्रह्म शंका में मत फंसो समाज की छोटी-छोटी बातों के पीछे मत भागो उनसे बचकर रहो समाज में रहकर समाज का पालन करें परिवार का पालन करें लेकिन कुल मर्यादा में रहकर जीवन जियो जब आप छोटी-छोटी बातों में नहीं भटकोगे और कुल-मर्यादा में रहकर जीवन जिओगे तब ऐसा जीवन स्वर्ग के समान होता है।

टूना टोटका स्याना सरेवड़ा पूछा दिखाना। 

सतगुरु आपको अंधविश्वास में नहीं रहने देना चाहता आप कभी किसी पुछा वाले के पास जाते हैं वह वहां से संतुष्टि ना मिलने पर कभी किसी दूसरे के पास जाते हैं बहुत से लोग तांत्रिकों के चक्कर में पड़े रहते हैं ।कभी घर में कुछ करवा लिया कभी कुछ करवा लिया खुद के थोड़े से लाभ के लिए दूसरे का बूरा करने में भी पीछे नहीं रहते यह सब करने वाले इंसान की सोच छोटी होती है। वह सब को अपना परिवार नहीं मानते सबका भला सब का विकास नहीं चाहते इसलिए संत चाहता है कि यह सब छोड़ो परमात्मा ने तुम्हें बहुत बड़ा इंसान बनाकर भेजा है खुद की पहचान करो तुमको कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है।

सब कुछ तुम्हारे अंदर है सभी समस्याओं का समाधान परमात्मा ने प्राकृतिक तरीके से तुम्हें दिया है संत यही समझाना चाहते हैं कि तुम भी मेरे जैसे बन सकते हो लेकिन इसके लिए जो मैंने नियम अपना रखे हैं वह अपना लीजिए जिससे आप एक सुखी और संतुष्ट जीवन जी सकेंगे।

अपने आप की पहचान करो 

संत चाहता है कि आप खुद की पहचान करो ताकि आपको जीवन जीना आ जाए जिसे खुद की पहचान की यह खुद को पहचान लिया मिथ्या बातें व्यर्थ की बातें अनावश्यक विचार अनावश्यक काम सब मिट जाते हैं और वह संतुष्ट होकर सदा सुखी जीवन जीता है ।

सब सुखी रहो 

सबको अपना परिवार मानने वाला सबका विकास सबकी खुशी चाहने वाला सदा यह चाहेगा कि हर जीव सदा सुखी रहे इसलिए एक संत सदा चाहता है की सब सुखी रहे और प्रकृति के अनुसार जीवन जीए और मानवता के नियम पर चलकर मानवता कायम करें।

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