पक्का सौदा आश्रम रूहानी कॉलेज सदलपुर

शनिवार, 19 अक्टूबर 2024

आंखें धस क्यों जाती हैं? आंखों का चश्मा कैसे उतारे? जानें प्राकृतिक इलाज क्या है?

 प्रिय ज्ञानी सतपुरुषो परमपिता परमात्मा ने बहुत ही अच्छा समय दिया है इस पल के लिए, इस बहार के लिए, इस मौसम के लिए उस इलाही ताकत, खुदा के नूर, गोड लाइट, परमपिता परमात्मा का धन्यवाद हो। हम तो केवल भोजन करते हैं परंतु रक्त का संचार करने वाली ताकत तो परमपिता परमात्मा है।

परमपिता परमात्मा ने हमें ज्ञान करने के लिए 10 इंद्रियों दी है। इनमें से एक इंद्री आंख है। परमात्मा ने हमें सुंदर आंखें दी है यह हमारे शरीर की इंद्री है इंद्री का अर्थ होता है जो हमें बाहर का ज्ञान कराए आंखें बाहर की वस्तुओं को देखकर हमें अंदर ज्ञान कराती है ज्यादातर हम जैसा देखते हैं वैसा ही अपनाते हैं। यह देखने का काम करती है कर्म इंद्री है हमारा कर्म बनता है। कर्म का असर जीवन पर पड़ता है। इसलिए जितना हो सके इन आंखों से अच्छा देखो, सुंदर देखो, सदा सब की भलाई के लिए देखो अपने आप से कहो कि मैं कभी आंखों से बुरा ना देखूं। आज हम इन्हीं आंखों के बारे में बात करेंगे। इन कुछ प्रश्नों के माध्यम से आपकी बहुत सी समस्याओं का समाधान होगा।

मां प्रकृति द्वारा प्रदत्त अनमोल हमारी आंखें 

आंखें धस क्यों जाती है? इंसान जब बचपन में होता है या जवान अवस्था में होता है तब उसकी आंखें उभरी हुई होती है परंतु जैसे-जैसे समय गुजरता जाता है उसकी आंखें धसनी शुरू हो जाती है यानी बैठ जाती है उभरी हुई दिखाई नहीं देती। यह आंखें बैठ क्यों जाती है यह कोई प्राकृतिक कारण है या हमारा खुद का ही कोई कारण है?

क्या आंखों को उम्र के साथ धसने से रोकने के लिए कोई दवाई या भोजन है? आंखों को उम्र के साथ धसने से रोकने के लिए ऐसा कोई भोजन नहीं, ना हीं ऐसी कोई दवाई है। यह इंसान के हाथ में ही है वह जैसे अपने आप को चाहता है या अनजाने में करता है। वह वैसा बनता जाता है।

आंखों को धसने से बचाने के लिए क्या करें? जिस प्रकार मैंने एक ब्लॉग में बताया कि आपके हाथ ही बालों को पीछे की तरफ कर देते हैं और यह है रोजाना की प्रक्रिया से पता नहीं चलता की कब आगे के बाल उड़ जाते हैं हाथों की यह स्थिति हाथों से सर को रोजाना रगड़ना आपके सिर में बदलाव कर देता है। इस बदलाव के कारण बाल भी पीछे चले जाते हैं। आपका सर पतला भी हो जाता है और आंखें पीछे की तरफ हो जाती है यानी धस जाती है और इससे बचने के लिए आप कभी भी अपने अपने सर पर चेहरे पर दबाव मत डालिए। इसको रगडि़ए मत यह बहुत ही कोमल है। सबसे बड़ा समाधान यहीं है और किसी के पास इसका कोई समाधान नहीं है। यह खोज करके देखो।

आंखों के धसने की प्रक्रिया और बाल उड़ने की प्रक्रिया एक साथ होती है आप खोज करके देखें।

आंखों पर चश्मा क्यों चढ़ जाता है? जब किसी चीज को आवश्यकता से अधिक खर्च कर दी जाए तो अती हो जाती है और अति होने के बाद उसमें कमजोरी आ जाती हैं। आप खुद पर ही लीजिए आप अधिक कम कर लेते हो तो बहुत थक जाते हो उसके बाद आपको आराम करना पड़ता है ठीक उसी प्रकार हमारे शरीर के अन्य अंग हैं शरीर की आंखें हैं। यह हमारे पूर्ण भोजन न करने पर हो सकता है पूर्ण भोजन नहीं मिलने पर आंखें कमजोर हो जाती है। जब कोई चीज एक बार गिर जाती है। तब उसे उठाना बड़ा मुश्किल है। इसलिए जहां तक हो सके, आंखों में कमजोरी आने ही ना दें। यह इंसान के खुद के ही हाथ में है।

आंखों का चश्मा कैसे उतार सकते हैं? हो सकता है आप को चश्मा चढ़ गया है क्या आपको लगता है कि किसी दवाई से आपका चश्मा उतर जाएगा या फिर आप पूरी जिंदगी चश्मा चढ़ाए रखना चाहते हो यह आपके चाहने पर हैं क्योंकि आप जब चाहोगे तो कोशिश करोगे और कोशिश करोगे तो आपकी चश्मा भी उतर जाएगी दुनिया की कोई ही ऐसी दवाई होगी जो आपकी चश्मा को उतार दें दुनिया में एक ऐसी दवाई भी बनती है जो आपकी चश्मा उतार सकती है वह कहीं बाहर नहीं आपके शरीर में ही बनती है जो दवाई आपके शरीर में बनती है। दुनिया में कोई चिकित्सक या वैज्ञानिक ऐसी दवाई नहीं बना सकता तुम्हारे चिकित्सक तुम स्वयं हो। चश्मा उतारने के लिए आपको सुबह जल्दी उठना है और उठकर ध्यान लगाना है जब आप ध्यान लगाओगे ध्यान लगाने से आंखों में आंसू आना शुरू हो जाता है आंसू आने से आंखों में लगा हुआ जाला कटना शुरू हो जाता है जाला कटने से आपकी आंखें बिल्कुल साफ हो जाएगी आपको ऐसा लगेगा जैसे आज की सुबह एक नई सुबह है अगर ध्यान नहीं लगता है तो कई बार प्रयास करना है ध्यान लग जाएगा इससे बढ़कर इस दुनिया में और कोई उपाय नहीं क्योंकि प्रकृति का इलाज प्रकृति बेहतर तरीके से जानती हैं।

आप खुद के चिकित्सक आप खुद हैं इसलिए ध्यान लगाओ और चश्मा हटाओ।

धूल मिट्टी या कंकर गिरने पर आंखों को कैसे साफ करें? हमारी आंखें बहुत कोमल होती है इसलिए अगर धूल मिट्टी या कंकर पत्थर गिर जाए तो आपको रगड़ना नहीं है उसको पानी से धो लेना है पानी से धोने से कंकड़ पत्थर मिट्टी जो भी है वह निकल जाएगा परंतु ध्यान रहे कि यह उसे कभी ना रगड़े।

आंखों को दिखाई कैसे देता है? अगर मनुष्य को दिखाई देता है तो रात के अंधेरे में क्यों नहीं दिखता है? मनुष्य सोचता है कि मैं देखता हूं मेरी आंखें देखती है। असलियत तो यह है कि मनुष्य को सूर्य की वजह से दिखाई देता है चाहे रात में हो चाहे दिन में हो क्योंकि दिन में सूर्य निकलता है सूर्य की रोशनी सूर्य की ऊर्जा से दिखाई देता है और जब रात होती है तब सूर्य की किरणें चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्रमा की किरणें धरती पर पड़ती है तब दिखाई देता है। या किसी रोशनी के जरिए दिखाई देता है चाहे दिया या मोमबत्ती के जरिए। वरना मनुष्य को किसी अंधेरे कमरे में ले जाए तो क्या उसे दिखाई दे सकता है।

आंखों के काले घेरे को कैसे साफ करें? जब कई लोग बहुत से मोटे होते हैं और वजन कम करने के कारण काले घेरे आ जाते हैं क्योंकि वहां ढीली चमडी़ इकट्ठी हो जाती हैं। इसके अलावा जब कोई बार-बार हाथों से आंखों को रगड़ता है। हाथों से रगड़ने के कारण आंखों के नीचे काले घेरे आ जाते हैं और वह जल्दी से नहीं मिटते इसलिए कभी भी हाथों से आंखों को नहीं रगड़ना चाहिए आंखों को धोने के बाद कपड़े से साफ करनी चाहिए जिससे काले घेरे नहीं बनेंगे।

कंप्यूटर या टीवी तेज प्रकाश में क्यों नहीं देख इसका समाधान कैसे करें? कंप्यूटर और टीवी या मोबाइल का तेज प्रकाश इसलिए नहीं देख पाए क्योंकि उनका प्रकाश आपकी आंखों से ज्यादा है अगर आपकी आंखों का प्रकाश कंप्यूटर या टीवी से ज्यादा हो जाएगा तब आपकी आंखें देख सकती है इसका अर्थ यह हुआ की आपकी आंखों में कमजोरी आई हुई है। या किसी कारण वंश देखने की क्षमता कम हुई है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए आप सुबह उठकर ध्यान लगाए जिससे आपकी आंखों की रोशनी तेज हो जाएगी उसके बाद कंप्यूटर टीवी का कितना ही तेज प्रकाश हो आपकी आंखों पर नहीं पड़ेगा यानी उसका असर आपकी आंखों पर नहीं होगा। 

आंखों की पहचान कैसे करें कि कैसा है इंसान?

अगर आप खुद को पहचान ले होते हो तो आप दूसरे को पहचान लोगे कि वह दूसरा इंसान कैसा है और उनकी आंखों को देखने से ही पता चल जाएगा। इसलिए आप खुद की पहचान करने पर बल दीजिए। जिस इंसान की आंखें बिल्ली की आंखें जैसी हो उससे आप बच कर रहिए। उससे आपको कभी भी धोखा मिल सकता है। 

ऊपर बताए हुए कुछ प्रश्नों के उत्तर से शायद आप जान गए होंगे कि इंसान की आंखें धस क्यों जाती हैं। चश्मा क्यों लग जाता है? इसका क्या कारण है इंसान रोजाना अपने शरीर को लेकर कितनी गलतियां करता है और उसे पता भी नहीं चलता इसलिए आप यह जान गए हैं कि यह सब कैसे होता है अपने आंखों का ख्याल रखिए और खुद का ख्याल रखिए परमात्मा ने यह तन आपको अनमोल हीरा दिया है आप सदा सुखी रहो, खुशहाल रहो, स्वस्थ जीवन जियो।

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