प्रिय ज्ञानी सत्पुरुषो परमपिता परमात्मा ने बहुत ही अच्छा समय दिया है इस पल के लिए इस बहार इस मौसम के लिए उस इलाही ताकत उस खुदा के नूर God Light मालिक भगवान परमपिता परमात्मा Super Power का धन्यवाद करते है ।
प्यारे विश्ववासियों आओ आज आपको डेरा पक्का सौदा आश्रम सदलपुर के बारे में अवगत करवाते हैं।
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| पक्का सौदा धाम सदलपुर |
पक्का सौदा धाम सदलपुर
प्रथम गद्दी नशीन मेरे सतगुरु स्वामी अमर आनन्द जी महाराज संस्थापक पक्का सौदा आश्रम,श्रीकृष्ण गौशाला सदलपुर, सर्व धर्म सेवा समिति सदलपुर,राज योग सेवा समिति सदलपुर,भारतीय संत मत पार्टी,सतगण भाषा व मानव धर्म।ये दुनिया के पहले संत महात्मा है,जिनकी अपनी भाषा, अपना धर्म, अपना ही ज्ञान है तथा "वसुधैव कुटुंबकम" संसार को ये अपना परिवार मानते हैं तथा अपनी जन्म भूमि व गृहस्थ में रह कर तपस्या करते हैं और अपना खुद अनुभव करके, ज्ञान विज्ञान के साथ जीवों को ज्ञान देते हैं। सतगुरु जी में सत की कला आकर बोलती है और वही ज्ञान देती है।
प्रथम गद्दी नशीन स्वामी अमर आनन्द जी महाराज
संसार की सभी भाषाओं में बात कर सकते हैं ,जिस गांव सदलपुर में,ये जन्मे हैं,व मौके पर रह रहें हैं,वो इन्हीं के बुजुर्ग श्री सदा नन्द जी का बसाया हुआ है अर्थात सदानन्द जी के नाम से ही गांव का नाम सदलपुर है। यहां पर रूहानी कॉलेज की पढ़ाई होती है हर महीने एक निश्चित तारीख को सत्संग होता है जिसमें आत्मज्ञान और अध्यात्म ज्ञान के बारे में बताया जाता है जीवन जीने की कला के बारे में बताया जाता है ज्ञान और विज्ञान से सिद्ध और अनुभव प्राप्त होने के बाद ही सिखाया जाता है।
संसार की सभी भाषाओं में बात कर सकते हैं ,जिस गांव सदलपुर में,ये जन्मे हैं,व मौके पर रह रहें हैं,वो इन्हीं के बुजुर्ग श्री सदा नन्द जी का बसाया हुआ है अर्थात सदानन्द जी के नाम से ही गांव का नाम सदलपुर है। यहां पर रूहानी कॉलेज की पढ़ाई होती है हर महीने एक निश्चित तारीख को सत्संग होता है जिसमें आत्मज्ञान और अध्यात्म ज्ञान के बारे में बताया जाता है जीवन जीने की कला के बारे में बताया जाता है ज्ञान और विज्ञान से सिद्ध और अनुभव प्राप्त होने के बाद ही सिखाया जाता है।
ये विश्व के पहले ऐसे संत महात्मा है,जिनकी “भारतीय संत मत पार्टी” राष्ट्रीय पार्टी है। इनका कथन है “मेरी गाई हुई,कोई मत गाना” जो मैंने खोज की है, वो खोज कर के देखो,खोज करने पर सही पाया जाए, तो मानना अन्यथा मत मानना।जब तक ना देखो नैना। मत मानो किसी का कहना। दुनिया धोखे का जाल है, कोई चक्र में डाल देगा। इस प्रकार मेरा देशवासियों से आवेदन है कि प्रथम गुरु गद्दी 500 साल बाद में आती है। जैसे गुरु नानक देव जी, गुरु रविदास जी, साहेब कबीरदास जी, गुरु जम्भेश्वर भगवान जी, महात्मा बुद्ध, महावीर स्वामी जैन,ईशा मसीह जी, हज़रत मुहम्मद जी आदि। आज हम लोग बड़े भाग्यशाली हैं जो प्रथम गुरु के समय में हमारा जन्म हुआ। मेरा सभी देशवासियों से आवेदन है ऐसे संत महात्मा की प्रेरणा पर चलकर देश में शांति स्थापित करें तथा प्रेम व भाईचारा कायम करें।
सतगुरु स्वामी अमर आनन्द जी महाराज की 16 कलाएँ
1 राग 2 रसायन 3 छन्द 4 निशाना 5 नट 6 नाटक 7 तैरना 8 चोरी 9 जुआ 10 कोकशास्त्र 11 व्याकरण 12 वैदिक 13 ज्योतिष 14 ब्रह्म ज्ञान 15 आत्मज्ञान 16 अध्यात्म ज्ञान
🌹पक्का सौदा🌹
जहां पर सत की कला आकर हाजर नाजर सतगुरु जी में बोलती है।
परमात्मा से सौदा करो तो पक्का ही करो
परमपिता परमात्मा के नाम का सौदा परमपिता परमात्मा से भक्ति का सौदा
पक्का सौदा आश्रम का नारा
सत साहेब साहेब सतगुरु तेरा ही आसरा
एक प्रेमी सत साहेब बोलेगा तो दूसरा प्रेमी साहेब गुरु तेरा ही आसरा
सत है वहीं पर परमपिता परमात्मा है और उसी परमपिता परमात्मा का सहारा
यह है डेरा पक्का सौदा का नारा
🌹 नीता सत ग्रंथ और शब्दावली 🌹
प्रिय सत्पुरुषो जिस प्रकार भगवान श्री कृष्ण ने गीता लिखी थी संपूर्ण गीता माँ प्रकृति के नियमों पर लिखी गई है माँ प्रकृति सर्वशक्तिमान है वह ज्ञान और विज्ञान को ध्यान में रखकर लिखी गई थी जिसे आज तक ना कोई गलत सिद्ध कर पाया है और ना ही सिद्ध कर पाएगा प्रकृति को जानकर जो पिंड सो ब्रह्मांड को जानकर जिसने जो बातें लिख दी वह प्रकृति के नियमों पर होती है और वह सदा सत्य होती है और उनको बढ़कर मनुष्य सदा सीखता रहेगा और आगे बढ़ता रहेगा ठीक उसी प्रकार सतगुरु जी ने नीता सत ग्रंथ लिखा है। यह सत ग्रंथ किसी आम इंसान का लिखा हुआ नहीं है परमात्मा की वाणी ने आकर यह सत ग्रंथ लिखा है मनुष्य जीवन के जन्म से लेकर मरण तक के विधि विधान के बारे में पूर्णतया बताया गया है जीवन कैसे जीना है भक्ति कैसे करें ध्यान कैसे लगाए किस कर्मों की क्या सजा मिलती है। दुनिया में सबसे सर्वोत्तम अध्ययन है खुद की पहचान जिसने खुद को पहचान लिया उसने जग को पहचान लिया इसलिए जैसे-जैसे आप नीता सत ग्रंथ पढ़ोगे भ्रम शंका,लाचारी से मुक्त होते जाओगे
आप नीता सत ग्रन्थ अवश्य पढ़े आपको अपने बारे में ज्ञान होता जाएगा और आगे से आगे बढ़ते जाओगे,
🌹 चौपाई 🌹
प्रभु महिमा अपार है ना पाया इसका भेद समस्त व्याधि दूर करे वह सबसे बड़ा वैध सबसे बड़ा वैध दवा इसकी है न्यारी
लेते ही आराम मिले दूर हट जाती लाचारी।।
इसके अलावा सतगुरु जी में शब्दावली लिखी है जिसमें बहुत से शब्दों का संग्रह है शब्दों का निर्माण सतगुरु जी खुद करते हैं शब्दों में गहरा अर्थ छुपा हुआ है शब्दों में आनंद भरा हुआ है जब सुनते हैं और गाते हैं तो घट से अमृत की गंगा बहने लगती है इसलिए सतगुरु जी कहते हैं किसी की गाई मत गाओ खोजी खोजो
जिसकी गाई गाएगा वह धक्का यमो की खाएगा।
जिसकी खोजी खोजेगा वह अमर लोग को सोधेगा।।
🌹वास्तु शास्त्र🌹
प्रिय ज्ञानी सत्पुरुषों सतगुरु जी ने वास्तु शास्त्र लिखा है इसमें अपने घर को कैसे बनाएं उस व्यवस्था के बारे में बताया गया है अपने घर का निर्माण अपने शरीर की व्यवस्था के अनुसार होना चाहिए जिस प्रकार परमपिता परमात्मा ने अपना शरीर बनाया है अपने शरीर की व्यवस्था के अनुसार घर या कार्यालय बनाने से हमारा जीवन खुशहाल रहेगा और आगे से आगे बढ़ते जाएंगे।
🌹पक्का सौदा आश्रम के 39 नियम🌹
तजने वाले नियम :-
- चोरी
- जारी
- हत्या
- कड़वा वचन
- झूठ
- हीन विचार
- चुगली
- चापलूसी
- ईर्ष्या
- घमंड
- मनषा पाप
- नशा विषय
- पराई निन्दा
- भय
- छल
- कपट
- पराई आस
- क्रोध
- संसारी मोह
- तृष्णा
अपनाने वाले नियम:-
- ईमानदारी
- शांति
- संतोष
- कहनी और करनी एक
- शीलता
- दया
- धर्म
- उच्च विचार
- जागृत में रहना
- गम खाना
- मीठा बोलना
- न्यायकारी
- पर स्वार्थ
- सादा जीवन
- गुरु मर्यादा में रहना
- कुल मर्यादा में रहना
- प्रेम
- नम्रता
- चौबीस घंटे में 2.30 घंटे भजन करना
🌹 नामदान और नामधारी🌹
पक्का सौदा में नाम भी दिया जाता है नाम खुला दिया जाता है नाम लेने के लिए हर महीने बहुत से प्रेमी आते हैं नाम में किसी भी प्रकार का कोई बंधन नहीं यहां लुका छुपी का काम नहीं यह डेरा पक्का सौदा जहां लगता है परम पिता का पहरा
🌹 सर्व धर्म सेवा समिति 🌹
सर्व धर्म सेवा समिति का गठन सतगुरु जी के द्वारा 2008 में किया गया जिसमें सभी धर्म को समान मानकर एक मानव धर्म को आगे बढ़ाया जाए सर्व धर्म सेवा समिति का उद्देश्य मानव धर्म अपनाओ मानव धर्म से बढ़कर कोई धर्म नहीं है आज लोग धर्म बदल रहे हैं नियम नहीं बदल रहे, नियमों को बदलो परम शांति पाओ ।
"किसी धर्म के नियम चाहे कितने पवित्र हो लेकिन जब तक उस धर्म की प्रेरणा देने वाले पवित्र नहीं होंगे तब तक वह धर्म पवित्र नहीं हो सकता क्योंकि धर्म का मुखिया लोगों को जैसे चलता है वह वैसे ही चलते हैं"
🌹राजयोग सेवा समिति🌹
भक्ति करने के लिए
निर्गुण भक्ति:-
निर्गुण भक्ति के लिए देह की भागीदारी जरूरी है इसके लिए देह निर्मल करनी होगी
देह के तीन दोष:- चोरी, जारी, हत्या
तन से जुड़ा हुआ मन है
मन के तीन दोष:- ईर्ष्या ,घमंड ,मनसा पाप
मन का हिस्सा जिव्या है जिसके चार दोष:- कड़वा वचन, झूठ, चुगली, चापलूसी
यह तजने के बाद तन मन निर्मल हो जाएगें और भक्ति जम जाएगी
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| परम शिष्या दीदी लेखा अंजलि आनन्द |
दुनिया का सबसे सुखी और दुखी इंसान
जिस इंसान को किसी से मोह नहीं किसी का भय नहीं किसी से बैर नहीं किसी पर क्रोध नहीं किसी से प्रीत नहीं भली वस्तु पाकर सुखी नहीं बुरी वस्तु पाकर गम नहीं अपनी इंद्रियों को काबू में रखे वह दुनिया का सबसे सुखी इंसान होता है
दुनिया में सबसे दुखी इंसान वह है जो सांसारिक सुख और लोक लाज में मोह रखते हैं और इंद्रियों के गुलाम रहते हैं वह दुनिया में सबसे दुखी इंसान है।
🌹 सत्संग लंगर और भंडारा🌹
हर महीने की एक निश्चित तारीख को डेरा पक्का सौदा में सत्संग होता है लंगर और भंडारा 24 घंटे चलता रहता है ।
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| समिति द्वारा भंडारे का आयोजन |
सत्संग प्रेमी प्रसाद ग्रहण करते हुए
🌹 गरीबों की शादी🌹
भात भरने के लिए जिन बहनों के भाई नहीं है और वह बहन अपने भाई की कमी महसूस कर रही है तो उसके लिए डेरा पक्का सौदा यह कमी महसूस नहीं होने देगा इसके लिए डेरा पक्का सौदा में गरीब बहनों के भात के लिए तत्पर है।
डेरा पक्का सौदा में शादी भारतीय धर्म संस्कृति और सनातन धर्म वैदिक नियमों के अनुसार की जाती है।
शादी से पहले वर्ण मिलान
अ वर्ग ----- गरुड़
क वर्ग ----- बिल्ली
च वर्ग ----- सिंह
ट वर्ग ----- स्वान
त वर्ग ----- सर्प
प वर्ग ----- मुषक
य वर्ग ----- हिरण
श वर्ग ----- मेष
"बेजोड़ शादी, बेजोड़ मित्रता, बेजोड़ रिश्तेदार जीवन नर्क बना देती है सावधान कोई भी संबंध जोड़ने से पहले जोड़ जरूर मिल लेना, अन्यथा जीवन नर्क बन जाएगा फिर पश्चाताप के सिवाय कुछ नहीं बनना"
"जिस घर में पति-पत्नी का गहरा प्यार है। एक दूसरे का सम्मान करते हैं। अपनी मर्यादा में रहते हैं ऐसा गृहस्थ जीवन स्वर्ग के समान है"
🌹 श्री कृष्ण गौशाला का निर्माण 🌹
1 जनवरी 2001 को सतगुरु जी ने अपने हाथों से ईंटें निकालकर श्री कृष्ण गौशाला की नींव रखी जो आज बहुत बड़ी गौशाला में बदल चुकी है। गौ माता के लिए किया गया सतगुरु जी का यह कार्य सदा सदा आगे बढ़ता रहेगा
🌹भारतीय संतमत पार्टी🌹
प्रिय ज्ञानी सतपुरूषो सतगुरु जी ने देश की राजनीतिक आर्थिक सामाजिक धार्मिक व्यवस्था को सुधारने के लिए भारतीय संतमत पार्टी का गठन किया सतगुरु जी ने भारतीय संतमत पार्टी की एक पुस्तक लिखी गई है जिसमें भारतीय संतमत पार्टी का संविधान है उसके उद्देश्य हैं और नियम है ।
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| भारतीय संतमत पार्टी |
पार्टी का उद्देश्य एकता बढ़ाकर देश का विकास करना है
- गरीबी दूर करना
- भुखमरी दूर करना
- बेघरों को घर देना
- बेरोजगारों को रोजगार
- किसानों की समस्या का हल
पार्टी ऐसे सदस्यों को उम्मीदवार बनाएगी जो शिक्षित हो ईमानदार हो और सत पर रहकर दुनिया की भलाई करने वाला हो
सत था सत है और सत रहेगा
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| पार्टी संस्थापक स्वामी अमर आनन्द जी महाराज |
जीना सत बोलकर जियो चाहे दो-तीन
झूठ बोलकर सो साल जीना बेकार है मत जियो ऐसा जीना।
जियो जीव कल्याण के लिए जियो चाहे 2 दिन
खुद का पेट भरने के लिए 100 साल जीना बेकार है मत जियो ऐसा जीना।
जब तक ना देखो नैना मत मानो किसी का कहना
यह दुनिया धोखे का जाल है अगर गगन में धोती दिखा दे
तब भी मत मानना कोई जादूगर हो सकता है
मानो तब जब आप खुद अनुभव कर लो।
मालिक तेरे गुण बहुत है तेरी कहां तक करूं बड़ाई।
तेरी महिमा की आजीवन में कर ना सकूं लिखाई।।
प्रिय ज्ञानी सत पुरूषो एक बात के दो अर्थ निकलते हैं इसलिए सकारात्मक पकड़ लेना है और नकारात्मक छोड़ देना है।
अगर आपके मन में शंका हो
अधिक जानकारी के लिए पक्का सौदा आश्रम के नंबर पर संपर्क करें।
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| अधिक जानकारी करने के लिए सम्पर्क करें। |
या कमेंट कर सकते हैं। आप भी आ सकते हैं।
यह डेरा पक्का सौदा जहां लगता है परमपिता का पहरा
शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति शान्ति
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