पक्का सौदा आश्रम रूहानी कॉलेज सदलपुर

शनिवार, 19 अक्टूबर 2024

दुबले-पतले होने पर वजन कैसे बढ़े? जानें प्राकृतिक और निःशुल्क तरीका क्या है?

 प्रिय ज्ञानी सतपुरुषों परमपिता परमात्मा ने बहुत ही अच्छा समय दिया है। इस पल के लिए परमपिता परमात्मा का धन्यवाद हो। हम तो केवल भोजन करते हैं परंतु रक्त का संचार करने वाली ताकत तो कोई और (प्रकृति) है इस ताकत का धन्यवाद हो।

पहला सुख निरोगी काया, बाकी सुखों की बारी तो बाद में आती है। दुनिया में चार परम सुख है पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख घर में माया, तीजा सुख पुत्र आज्ञाकारी, चौथा सुख वचन सिद्ध नारी।

चारों सुखों में पहला सुख निरोगी काया है।

 जिसकी काया निरोग है बीमारी मुक्त है वह इस जीवन में आनंद पूर्वक जीवन जीता है परंतु जब किसी प्रकार का रोग लग जाता है तो शरीर नरक जैसा हो जाता है। अपने शरीर को नर्क और स्वर्ग बनाना आपके ही हाथ में है क्योंकि शरीर की चाबी परमात्मा ने आपके हाथ में दी है। सामान्य से अधिक पतला होना भी एक बीमारी है। और सामान्य से अधिक मोटा होना भी बीमारी है। इसलिए ना इतना ज्यादा खाएं कि मोटापा आ जाए और ना ही इतना कम खाएं कि शरीर की हड्डियां दिखने लग जाए।

सबसे पहले तो हम कारण जानेंगे कि इंसान पतला क्यों होता है? जब तक हम कारण को नहीं जान पाएंगे तब तक शरीर को सामान्य नहीं कर सकते। क्योंकि समस्या है तो समाधान भी है।

दुबले-पतले लोगों के लिए वजन बढ़ाने का निःशुल्क और प्राकृतिक तरीका।

लोग पतले क्यों होते हैं और पतले होने का क्या कारण है? 

  • भोजन समय पर ना करना:- जब आप सो कर उठते हो तो कुछ देर बाद भूख लग जाती है क्योंकि सुबह-सुबह पेट में जठरागिनी तेज होती है। इसलिए आपका समय होते ही भोजन नहीं किया तो वह भोजन की जगह आंतें आपकी नाडि़यों का खून चूस लेगी।
  • भूख लगने पर भोजन न करना:-ऐसा बहुत बार होता है जब कोई काम कर रहे होते हैं और भूख लग जाती है तब सोचते हैं थोड़ी देर बात करते हैं थोड़ी देर बाद करते हैं और बहुत समय भी जाता है। और भूख का समय निकल जाता है 
  • भूख को मारना:-पतले होने का एक मुख्य कारण है यह है कि भूख लगने के बाद कई बार ऐसी स्थिति आती है कि भूख को मार देते हैं किसी भी कारण किसी से रूठना भी हो सकता है उसमें कोई कोई भी कारण हो सकता है कहने का अर्थ है कि भूख लगने पर भोजन नहीं खाते हैं और भूख मारने की वजह से इस समय बीत जाता है।
  • डर के कारण:-एक मुख्य कारण यह भी हो सकता है क्या पता कोई किसी जगह रह रहा हो और वहां पर उसको डर लगता हो जिसके कारण वह पूरा भोजन नहीं कर पा रहा हो। क्योंकि डर के कारण बीमारी पैदा होती है। पूरी खुलकर भूख नहीं लगती।

  • आर्थिक तंगी के कारण:-किसी की घर की स्थिति इतनी खराब होगी की आर्थिक तंगी के कारण से पूरा भोजन ही ना मिल पा रहा हो।
  • चिंता होना:-किसी भी इंसान को लेकर या खुद को लेकर, घर को लेकर या किसी बाहर को लेकर चिंता भी हो सकती है चिंता में इंसान चिता जैसा हो जाता है।
  • मन के अनुकूल परिवेश या वातावरण ना होना:-पतले होने का मुख्य कारण क्या है कि मां के अनुकूल परिवेश या वातावरण नहीं होना जहां पर मन नहीं लगेगा वहां पर मन मानेगा कैसे? जहां पर मन नहीं लगेगा वहां पर भोजन कैसे हो पाएगा? मानने लगे के भी कई कारण होते हैं क्योंकि मन जहां रहने की ही गवाही नहीं देता वहां खाने की गवाही कैसे दे सकता है।
  • धर्म का नाश होना:- मनुष्य समय पर खाता हो लेकिन उसका मुख्य कारण उसका धर्म का नाश होना भी हो सकता है। जो शरीर में रस बनता है वह शरीर में ठीक से लग ना रहा हो।

पतले लोग मोटे कैसे हो सकते हैं? 

ताज़ा फल खाए सेहत बनाएं 

  • सुबह जल्दी उठना और उठकर स्नान करना है उसके बाद ध्यान लगाना ध्यान लगाने से आपकी पाचन क्रिया मजबूत होगी और भूख ज्यादा लगेगी।
  • भोजन को 32 बार चबाकर खाएं 32 बार जबाने से आपके आंतों का काम दांतों से हो जाएगा और ज्यादा से ज्यादा रस मिलकर भोजन अंदर जाएगा तो ज्यादा से ज्यादा मात्रा में रस बनेगा पेट की आंतों को जोर नहीं लगाना पड़ेगा जिससे उनकी ऊर्जा बचेगी उनको आराम मिलेगा पेट को आराम मिलेगा तो आपकी ऊर्जा बढ़ेगी।
  • भूख लगने पर तुरंत भोजन करें भूख को मारना नहीं है। भूख लगते ही भोजन करने से शरीर में ज्यादा सफूर्ति आएगी क्योंकि समय पर भोजन मिलने से शरीर में शक्ति बढ़ती है।
  • दिन में थोड़ा-थोड़ा करके सात आठ बार खाना। लेकिन जबरदस्ती नहीं खाना भूख लगने पर ही खाना है।
  • जब आपका पेट भर जाता है तो पेट बोलकर हडकार के माध्यम से बता देता है कि मैं भर गया हूं अब और आवश्यकता नहीं है आप उतना ही खाइए थोड़ी देर में और भूख लगे तो और खा सकते हैं।
  • मन के अनुकूल परिवेश और वातावरण:-ऐसे वातावरण में रहे जहां पर आपका मन लग जाए क्योंकि जहां पर मन नहीं लगता वहां कुछ भी खाने को मन नहीं करता और जहां मन लगता है वहां रुखा सूखा भी भोजन हो शरीर में लग जाता है। 
  • शरीर, मन को आराम देना है।
  • निडर और आजाद जीवन:-सदा ही निडर और आजाद रहे क्योंकि यह जीवन परमात्मा की अमानत है इसलिए इसको कभी दबाकर ना रखें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन:-ब्रह्मचर्य का पालन के लिए धर्म की रक्षा करनी है। सब कुछ व्यर्थ है अगर तुम्हारा शरीर हड्डियां बन गया है तो सबसे पहले अपनी काया को पतले से सामान्य करें! जिससे आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

तन, मन, धन में सबसे पहले तन आता है इसलिए तुम तन से स्वस्थ और सुखी रहे। मेरी यहीं दुआ है कि आप स्वस्थ जीवन जियो क्योंकि परमात्मा की सबसे बड़ी अमानत यहीं है।

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