सबका मालिक एक विचार अनेक विचार अनेक क्यों विचार एक बनाओ परम शांति पाओ
जिओ सच बोलकर जियो चाहे 2 दिन झूठ बोलकर 100 साल जीना निष्फल है मत जियो ऐसा जीना
जिओ जीव कल्याण के लिए जियो चाहे 2 दिन स्वार्थ के लिए 100 साल जीना निष्फल है मत जियो ऐसा जीना
जब तक ना देखो नैना मत मानो किसी का कहना यह दुनिया धोखे का जाल है कहीं भ्रम चक्र में ना डाल दे मानो तब जब आप अनुभव करके देख लो।
प्रिय ज्ञानी सत्पुरुषों परमपिता परमात्मा ने हमें बहुत ही अच्छा समय दिया है इस पल के लिए इस बाहर मौसम के लिए परमपिता परमात्मा इलाही ताकत खुदा के नूर God Light का धन्यवाद करते हैं हम तो केवल भोजन करते हैं परंतु रक्त का संचार करने वाली ताकत मां प्राकृति, परम शक्ति का धन्यवाद हो जो कण-कण में विद्यमान है।
दान करने से धन ना घटे तुम करके देखो खोज जिसने भी कुछ किया उसके उत्तर आती मौज ही मौज।
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| दान श्रद्धा समान |
श्रद्धा भाव से किसी जरूरतमंद इंसान को जो चीज निस्वार्थ भाव से दी जाती है वह दान ही होता है और जिसके द्वारा श्रद्धा भाव से लिया जाए
दान किसको करें किसको ना करें?
दान उसी को कीजिए जिससे रूके ना आपका दान अगर शराबी कबाबी व्यर्थ उड़ने वाले को दान किया वह दान किस काम का वह तुम्हारे लिए बस नाम का दान उसी को कीजिए जो माने सवाया दान जिसके पल्ले कुछ ना हो और जरूरतमंद हो वह इंसान भूखे को भोजन निर्वस्त्र को वस्त्र खुश रहने का हो भाव ऐसी जगह मत दे वह जो पड़ा रहे व्यर्थ ऐसा दान करने से आपकी किनारे लग जाती नाव और लोग मरे भूख जो जिद्द कर मांगे दान वह है स्वार्थी लोग परमात्मा के नाम पर वह खुद को लगाते भोग ऐसा मानव उभर ना पता अंत में लग जाता है रोग परम संत परम ब्रह्म मांगता नहीं जो देते ले जाए अगर पुरा ना मिले तो वह रूखी सूखी खाए या भूख ही सो जाए
दान श्रद्धा सामान
दान किसी की बंदिश नहीं ना ही रोक और टोक कीजिए दान श्रद्धा समान जिससे मन पर ना हो बोझ जो उतारे मां का बोझ दान कीजिए औकात सहित वरना बिगड़ जाता खेल खुद को गरीबी झेलनी पड़े वह खुद के प्रति अन्याय इसलिए जान लेवो कि दान श्रद्धा सामान
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| दान से बढ़कर कोई कर्म नहीं। |
अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान करो जिससे घर में बरकत होगी कोई बीमार नहीं होगा सब निरोगी रहेंगे घर में टोटा गरीबी नहीं आएगी अगर दसवां हिस्सा आप दान कर दिया तो वह पुण्य कर्म में लग जाता है। अगर आपने दान नहीं किया तो वह किसी न किसी कार्य में लग जाता है परंतु वह बचत नहीं हो पाएगी वह जरूर लगता है। आप खोज करके देख लीजिए हर घर में जो कमाई आती है उसका कुछ हिस्सा व्यर्थ करिए में लग जाता है वह लगा हुआ पैसा संतुष्टता प्रदान नहीं करता परंतु जब आप दान करते हैं तो वह पैसा मानसिक संतुष्टि प्रदान करता है उससे शांति मिलती है और उच्च सोच बनती है उच्च सोच होने से ऊंचे विचार आएंगे ऊंचे विचार आने से आप आगे बढ़ते जाओगे।
दान से धन ना घटे सदा ही बढ़ता जाए
जिस प्रकार बैंक में धन जमा करें वह ब्याज लगा कर देता है इस प्रकार यह दान है जो दाता ब्याज सहित पाता है हर कोई यह नहीं जानता यह है तत्वबोध की बात जो दीन ईमान को जान लेवे उसका खुलज्या भाग्य का ताला दुनिया में वह नाम कमाए और उसके घट में अमर उजाला दान देकर वह घमंड ना करता बन वह जाता किस्मत वाला सोच दिन प्रतिदिन बढ़ती जाए और अगम के भर जाए खजाने मालिक उस पर रहमत रखता और खोल देता है अगम निगम का रास्ता जिससे वह जान जाता की जीवन सफल हो गया रहता ना कोई धोखा ऐसा जीवन जीने का हर किसी को नहीं मिलता मौका ऐसा जीवन जीने का हर किसी को नहीं मिलता मौका इसलिए खुद को जान को मतलब जहां को त्याग कर दीन ईमान को लेवो अपनाएं। जो दीन ईमान रखता वह भगवान कहलाए रास्ता तुमको बता दिया अब तुम जानो क्या करना एक बात के दो अर्थ निकाले नकारात्मक छोड़कर सकारात्मक लो अपनाएं।


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