सबका मालिक एक विचार अनेक विचार अनेक क्यों विचार एक बनाओ परम शांति पाओ
जिओ सच बोलकर जियो चाहे 2 दिन झूठ बोलकर 100 साल जीना निष्फल है मत जियो ऐसा जीना
जिओ जीव कल्याण के लिए जियो चाहे 2 दिन स्वार्थ के लिए 100 साल जीना निष्फल है मत जियो ऐसा जीना
जब तक ना देखो नैना मत मानो किसी का कहना यह दुनिया धोखे का जाल है कहीं भ्रम चक्र में ना डाल दे मानो तब जब आप अनुभव करके देख लो।
प्रिय ज्ञानी सत्पुरुषों परमपिता परमात्मा ने हमें बहुत ही अच्छा समय दिया है इस पल के लिए इस बाहर मौसम के लिए परमपिता परमात्मा इलाही ताकत खुदा के नूर God Light का धन्यवाद करते हैं हम तो केवल भोजन करते हैं परंतु रक्त का संचार करने वाली ताकत मां प्राकृति, परम शक्ति का धन्यवाद हो जो कण-कण में विद्यमान है।
प्रिय ज्ञानी सतपुरुषों बहुत से लोग लहसुन और प्याज को छोड़ देते हैं खाते नहीं और कहते हैं कि उनकी पैदाइश राक्षस से हुई है इसलिए इनको खाने से राक्षस प्रवृत्ति आती है और भक्ति नहीं हो पाती प्रिय ज्ञानी सतगुरुषो आपको ज्ञान कराना चाहेंगे कि ऐसा कुछ नहीं है।
लहसुन
![]() |
| लहसुन और प्याज |
लहसुन एक गर्म औषधि है जो शरीर में ताकत पैदा करती है। इसका गुण शरीर को ताकत देना है। यह इसका गुण है। शरीर को तंदुरुस्त करने में मदद करता है। रोग ठीक होते हैं कमजोरी दूर होती है।
प्याज
![]() |
| प्याज लहसुन |
यह आजमाइश किया हुआ है यह प्राकृतिक औषधि है परंतु बहुत से लोग इसका नकारात्मक अर्थ पकड़ लिया है। और खाते नहीं है। कहते हैं कि यह तो भक्ति भंग करते हैं। हमारी तरफ सदा यही प्रयास रहेगा कि आप अंधविश्वास को दूर करो और इंसान का खुद पर नियंत्रण होना चाहिए जो इंसान खुद पर नियंत्रण रखता है जिसने खुद को जाना है और खुद की खोज की है वह इन अंधविश्वासी बातों के चक्कर में नहीं पड़ेंगे यह प्राकृतिक औषधि है यह राक्षस से पैदा नहीं हुई। इसको प्रकृति ने पैदा किया है मां प्रकृति से पैदा हुई हर चीज प्रकृति के अनुकूल होती है जरूरत के अनुसार लीजिए और मां प्राकृति का धन्यवाद कीजिए।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Like