प्रिय ज्ञानी सतपुरुषो मनुष्य जीवन में कुछ ना कुछ करता रहता है। कभी खाली नहीं रहता लेकिन फिर भी उसके पास बहुत समय ऐसा आता है जिसमें वह खाली रहता है समय ऐसा आता है जिसमें वह चाहता है कि कुछ करूं परंतु वह कुछ समझ नहीं पाता कि खाली समय कैसे काम में लें।
उनका यह मानना भी है कि अकेले मन नहीं लगता यानी अकेलापन महसूस करते हैं जो अकेलापन महसूस करते हैं वह फिर घर पर नहीं रुकते उनका यही मानना होता है कि कहीं बाहर घूमने चलते हैं जिससे भटकान पैदा होती है इसलिए आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं घर पर ही बिना पैसे का खालीपन दूर कर सकते हैं इसके अलावा और भी बहुत कुछ पा सकते हैं।
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| समय की कीमत और सदुपयोग |
खाली समय में हमें क्या करना चाहिए?
डायरी रखें:-
जब आपको लगे कि मेरे पास समय है मैं इस समय को कहां बिताऊंगा या बिताऊंगी वह एक डायरी ले और उसमें अपनी दिनचर्या लिखें कि मुझे आज क्या-क्या करना है। विचार करें कि मैं मेरी दिनचर्या को कितना बेहतर बना सकते है। उसमें से आप बहुत जरूरी काम कीजिए जो आपको संतुष्टि प्रदान करें जो आपने नोट किया उसमें ऐसे बहुत से काम मिल जाएंगे जिसमें हो सकता है आपके पूरे दिन ही समय ना मिले आपको यह पता ही नहीं चलेगा कि कब समय गुजर गया।
खुद की पहचान और खुद से प्रश्न:-
यह जीवन अनमोल है जब आपने इस अमूल्य जीवन को जान लिया उसके बाद आप इतने व्यस्त हो जाओगे कि खाली रहने का समय ही नहीं बचेगा इसमें आपको खुद की पहचान करनी है कि मैं कौन हूं? इस संसार में क्यों आया हूं? मुझे क्या करना चाहिए? मेरा क्या उद्देश्य है? क्या मैं जो अभी बना बैठा हूं क्या मैं वास्तव में इसी के लिए आए हैं? मैंने आज तक जो किया उसका तुम्हें क्या फायदा हुआ? जब आप खाली रहते हैं दिमाग भारी हो जाता है और पूरे दिन शरीर की ऊर्जा खाली रहने से व्यर्थ चली जाती है हर कार्य से उब सकते हैं लेकिन खुद की पहचान से आपको ऊर्जा मिलेगी। खुद की पहचान से नया रास्ता बनेगा नई सोच आएगी।
ध्यान:-
जो बोलते हैं अकेले रहा नहीं जाता या मन नहीं लगता वह ध्यान लगा सकते हैं जिससे उनका मन शांत होगा और एकाग्रता बढ़ेगी जिससे आपके विचार मजबूत होंगे मजबूत गहरी ध्यान लगाने के बाद आपकी आंखों से आंसू आएंगे मन साफ होगा और फिर अवचेतन मन चेतन होता जाएगा। फिर दिमाग में आएगी कि मैं कितना भुला हुआ था? कहां भटक गया? बहुत समय व्यर्थ ही क्यों गवा दिया? मेरे पास कितना अनमोल खजाना है और मैं बाहर भटकता रहा ऐसी सोच आने से अपने आप की खोज करना शुरू कर दोगे। फिर जिंदगी में खाली समय नहीं जहां भी रहोगे जैसे भी रहोगे सदा आनंद में रहोगे बहुत से सुना है हमारा ध्यान नहीं लगता विचार आते हैं भटक जाते हैं। वह इन तरीकों में कोई भी एक तरीका अपना कर ध्यान लगा सकते हैं बस आपका मन होना चाहिए।
- नाभि में ध्यान
- मस्तक में ध्यान
- अनुलोम विलोम करके ध्यान
- 10 या 20 लंबी सांस लेकर या छोड़कर ध्यान
- 10 या 20 बार मुख से लंबी सांस लेकर या छोड़कर ध्यान
- सांसों को लंबी-लंबी रोक कर ध्यान
- सांस बहुत धीरे-धीरे लेकर ध्यान
- सांसों के पहरेदार बनकर शरीर में घूम कर
- परमात्मा का नाम लेकर
- आप जिसे निस्वार्थ सच्चा प्रेम करते हैं जिनसे आपका कोई स्वार्थ नहीं उस प्रेम में ध्यान
- ओम् ऊं का ध्यान
जीवन में सबसे ज्यादा सदुपयोग का समय कौन सा है?
बचपन माता-पिता के पालन पोषण के सहारे गुजरता है लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता है हमें आत्मनिर्भर होना चाहिए आत्मनिर्भर होने के लिए हर समय का सदुपयोग करना जरूरी है। समय को व्यर्थ के कामों में बिना अर्थ की बातों में ना गुजार कर केवल समय पास ना करके अपने समय को जीएं। सारा समय उचित है इंसान के कर्म अनुचित हो सकते हैं लेकिन समय सदा सही होता है। जब आप खुद को जान लोगे खुद को पहचान लोगे उसके बाद आपके पास खाली रहने के लिए समय ही नहीं बचेगा।
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| खाली समय में दिनचर्या से बदलाव। |
योग भारत की विश्व को देन, योग उन ऋषि मुनियों को धन्यवाद जिन्होंने योग को सिखाया आगे बढ़ाया जिसको करने से बहुत सी बीमारियां नष्ट हो जाती है और शरीर निरोग रहता है। जो इंसान खाली रहते हैं। वह अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए योग कर सकते हैं। योग करने से आपका शरीर सदा निरोग रहेगा और मानसिकता मजबूत होगी।
प्राणायाम:-
जिस प्रकार ज्ञान और योग है उसी प्रकार प्राणायाम यानी शरीर में ऐसा अनुभव होता है जैसे प्राण आ गए हो इसलिए आप शरीर को पूर्ण स्वस्थ रखने के लिए निरोग रखने के लिए प्राणायाम भी कर सकते हैं खाली समय में आपके लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। खाली समय में आपका सबसे महत्वपूर्ण कार्य होगा।
लिखना या रचना:-
जब आप खुद की पहचान करोगे खुद को समय दोगे ध्यान लगाओगे प्राणायाम करोगे तब आपके अंदर से बुराइयां दूर होकर अच्छाइयां आने लग जाएगी और अच्छाइयां, अच्छाइयों की ओर आकर्षित होती हैं वह आपको भी अच्छाइयों की ओर जाने को प्रेरित करेगी और उसमें आपका मन यह भी बताएगा कि यह बुरा है यह अच्छा है दिमाग में सुविचार आने शुरू हो जाएंगे उसके बाद उन विचारों को उन बुराइयों को भलाई में बदलने के लिए आप खाली समय में कुछ लिख भी सकते हैं कुछ समस्या का समाधान दे सकते हैं। जो इंसान आज गलत रास्ते पर हैं। उनके लिए आप एक शिक्षक का रूप बन सकते हैं क्योंकि हर इंसान में गुण होते हैं इस दुनिया में हर इंसान महत्वपूर्ण है।
यह वह खाली समय है जिसमें आप कुछ ना करके भी आप बहुत कुछ कर सकते हैं। अपने आप को बदल सकते हैं समाज को बदल सकते हैं घर परिवार को बदल सकते हैं। खुद की तरक्की और समाज की तरक्की कर सकते हैं। खाली समय में भी बहुत कुछ किया जा सकता है। यह खाली समय के लिए आपको सबसे महत्वपूर्ण चीज बताई गई है आप इन्हें अपनाए। अपनाने के बाद आपकी जिंदगी में यह कोई चमत्कार से कम नहीं होगा। खाली समय आपके लिए अभिशाप की जगह वरदान बन जाएगा।


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