साथी दुख और सुख में हमेशा साथ रहने वाला होता है
दोस्त जो अपने दोस्त के दोषों को दूर कर दे जो बुराई के बारे में अवगत करवा कर अच्छे रास्ते पर ले आए।
मित्र जो सदा प्रेम का व्यवहार करता हो जो मीत बनकर रहता हो
जीवन में हमारे मित्र हमारे विचार हमारे दुश्मन हमारे विचार
विचार बुरे होते हैं तब दुश्मन बन जाते हैं और विचार अच्छे होते हैं तब मित्र बन जाते हैं।
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| तुम्हारा सच्चा मित्र, दोस्त, साथी |
इसके अलावा जब हम कहीं जाते हैं, रहते हैं दोस्त या मित्र बनना सामान्य सी बात है अब बाहरी रूप से पहचान कैसे करें कि यह सही है या गलत?
साथी दोस्त मित्र क्या कभी स्वार्थ की बात करते हैं?
सच्चा दोस्त कभी भी खुद के बारे में नहीं सोता कभी भी अपने मित्र से कुछ भी लेने की नहीं सोचता लेना तो बहुत दूर की बात सही साथी मिलकर चलता है और जो कुछ मिलता है। वह अपने मित्रों को भी देता है सच्चा दोस्त कभी भी अपने मित्र से लोक छुपाकर काम नहीं करता
सच्चा साथी कभी भी धोखा नहीं देता चाहे कितनी भी कठिन परिस्थिति आ जाए वह अपने मित्र की भलाई के लिए सदा साथ रहता है।
क्या बुरी आदतों में नशा विषय करने वाला मित्र होता है?
वर्तमान में हम देख रहे हैं लोग उनका मित्र मानते हैं जो उनके साथ नशा विषय करें लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता जाता है वह एक दूसरे से मिलना भी पसंद नहीं करते क्योंकि जो जिसको बुरी आदतों की तरफ धकेल दिया हो बुरी आदतों की तरफ गिरा दिया हो वह उससे मिलने का मन करेगा या उनके बीच में कोई प्रेम हो सकता है क्या जो आपको बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू की पुड़िया, शराब, गांजा, गलत भाषा का प्रयोग करना, दूसरों का अपमान करना सिखाए वह आपका दोस्त नहीं बल्कि दुश्मन है।
इसलिए ऐसे लोग जहां भी मिले आपको पहचान लेना है और उनको जिंदगी में कभी भी मौका नहीं देना वरना तो वह खुद के जैसे ही आपको बना लेंगे और संगति के कारण आप भटक सकते हैं।
संगति का असर जिंदगी में सबसे ज्यादा पड़ता है आप जैसा देखोगे और जिंदगी में साथ रहोगे वैसे ही आदत अपनाते जाओगे इसलिए ऐसी बुराई देने वाले बुराई सीखानें वालों से दूर रहे।
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| सच्चे साथी, मित्र, दोस्त हमेशा साथ देते हैं। |
क्या हर वक्त अपशब्द बोलने वाला चाहे वह किसी को भी बोले मित्र हो सकता है?
आज मित्र के नाम पर धोखा ज्यादा है वर्तमान में जो बढ़ चढ़कर अपशब्द बोलता है चाहे वह किसी और को ही बोल उसको बड़ा अच्छा दोस्त समझते हैं परंतु जो अपशब्द बोलता है वह कभी आपको भी अब शब्द बोल सकता है आपका अपमान कर सकता है और अपमान करने वाला मित्र नहीं होता।
क्या एक मित्र किसी भी काम के लिए गलत राय दे सकता है?
एक सच्चा मित्र आपको कभी भी गलत राय नहीं देता जब कोई भूल के कारण कोई गलत रास्ता आपने अपना लिया है या कोई गलत काम पकड़ लिया है तो सच्चा दोस्त आपको तुरंत उसे रास्ते के बारे में बात कर उसे रास्ते से हटा देता है क्योंकि वह नहीं चाहता कि तेरा दोस्त किसी भी समस्या या बुराई का या किसी गलत आदत का शिकार हो जाए। सच्चा मित्र ना खुद धोखा देता है और ना ही दूसरों से मित्र को धोखा मिलने देता है।
क्या मित्र के बिना जीवन में खुशियां है या जीवन चल सकता है?
मित्र के कारण खुशियां मिलती है मिलना जुलना अच्छी बात है क्योंकि जिंदगी में प्रेम ही सब कुछ है परंतु एक बुराई पर चलने वाले मित्र के लिए कभी भी सहारा मत बनिए क्योंकि वह खुद का बुरा करता ही है आपको भी ले बैठता है आप सोचो जो दोस्त एक दूसरे को अब शब्द बोलना नशा विषय की चीज देना गलत आदतों का शिकार बनाना,खुद फायदा उठाकर दोस्त को धोखा देने वाले क्या मित्र हो सकते हैं? ऐसे मित्रों से मित्र ना होना ही भला है। दोस्त वही है जो आपके दोस्त दूर करें दोस्त बढ़ाने वाला दुश्मन होता है उसका साथ बिना देरी की छोड़ देना चाहिए उससे अच्छा मित्र न होना भला है।
वर्तमान में हम लड़के और लड़कियां एक दूसरे को मित्र बनाने में बड़ी रुचि रखते हैं अगर वास्तव में लड़का और लड़की आपस में प्रेम करने वाले कभी भी स्वार्थ नहीं करते। कभी भी एक दूसरे का फायदा उठाने की नहीं सोचते एक दूसरे को जरूर में संसार के कार्यों के लिए सहयोग कर सकते हैं और जब भी वह एक दूसरे को गलत रास्ते पर होते देखे तब तुरंत एक दूसरे को संभाल लेंगे। जो वास्तव में प्रेम करते हैं वह शादी भी करते हैं लेकिन ज्यादातर 100 में से 99% इनमें केवल स्वार्थ और एक दूसरे को धोखा देने वाले होते हैं कोई इक्का-दुक्का ही होगा जो किसी को गलत रास्ते पर जाने से रोकता है अच्छी राय देता है या उसको सही रास्ता बता सकता है।
आजकल पहले दोस्त बनते हैं फिर सम्बन्ध में रहने लगते हैं फिर एक दूसरे को धोखा देकर भाग जाते हैं और फिर पछतावा करते हैं आज विद्यालय और महाविद्यालय में एक दूसरे के दोस्त बनते हैं। फिर कोई किसी को मार देते हैं कोई भाग जाते हैं जो आप वर्तमान में देख रहे हो इससे आप क्या समझते हैं यह केवल स्वार्थ है।
इसलिए स्वार्थी लोगों से बचकर रहो किसी के भी चक्र में मत रहो तुम्हारे माता-पिता तुम्हें जानते हैं उनको आपसे ज्यादा अनुभव है जो आपके माता-पिता जो आपका जीवन साथी चुनकर देंगे वह सही होगा।
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| स्वार्थी और दोष भरने वाले लोगों से बचकर रहें। |
फिर भी अगर आप खुद अपना साथी चुना चाहे तो माता-पिता की राय लीजिए अगर माता-पिता इनकार करते हैं तो वह आपके लिए सही है उचित है।
दोस्त मित्र साथी में क्या-क्या गुण होने चाहिए?
- वह सदा अपने सतधर्म नियम पर रहता है।
- सदा साथ रहता है।
- दोस्त, दोष नहीं भरता दोष निकलता है। दोष भरना का अर्थ है बुरी आदतें।
- सच्चा दोस्त, मित्र कभी भी धोखा नहीं देता।
- वह सदा परस्वार्थ की सोचता है।
- मित्रों के लिए जो भी मिलता है वह मिल बांट कर खाता है।
- सदा अच्छे शब्द और प्रेम से बोलने वाला होता है।
- जरूरत के लिए हर सुख और दुख में सहयोग करता है।



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