पक्का सौदा आश्रम रूहानी कॉलेज सदलपुर

शनिवार, 19 अक्टूबर 2024

हवन: प्रकृति की शुद्धता के लिए जानिए हवन का महत्व और जानें कैसे करना चाहिए?

  आना जाना बना रहेगा तुम कर लो सत की खोज 

खुद ने आकर जिसने जाना उसके उत्तर आता है मौज

 कर लो खुद की खोज फिर उतर आएगी मौज

 मां प्रकृति के शुद्धता के लिए हवन करो तुम रोज

 हवन की महिमा अपरंपार है 

हवन प्रकृति का नियम, प्रकृति जीवन का उद्धार है 

तुम करो हवन मिलकर, करो प्रकृति से प्यार 

जन्मो जन्म के कष्ट मिटे, मिले नए जीवन का संचार 

मिले नए जीवन का संचार, यह है सत्य की वाणी 

अंधविश्वास से दूर होवे, तब छप जाए असल कहानी

 तन के दोष दूर होवे मिले शांति भरपूर। मंत्रों के उच्चारण से सत का चढ़े सुरूर।।

 खुद की खोज वह करने लगे ना होवे कभी करूर ।

आओ मिल करें हम हवन करें और करें दोषों को दूर।।

 हवन जीवन 
 प्रत्यक्ष देव अग्नि देवाय नमः 

 है प्रत्यक्ष देव अग्नि तुम्हें नमन हो

हवन क्या है?
हवन की महिमा और महत्व

 हवन मां प्रकृति का नियम है। मां प्रकृति हमें जीवन में सब कुछ देती है और हम सब बुराइयों का त्याग करते हैं मल का त्याग करते हैं तब वह ब्रह्मांड में फैलता है इसलिए अपना यह भी फर्ज बनता है कि जिस वातावरण में बुराई और मल का त्याग किया वहां प्रकृति में अच्छाई और सुगंध भी फैलाएं क्योंकि अच्छा ही और सुगंधित चीजों से मन सकारात्मक होता है और बुराई से तन मन पर नकारात्मक असर पड़ता है। प्रकृति हमें प्राण वायु देती है इसलिए हम प्राण वायु देने वाली मां प्रकृति का साथ दें।

 हवन कैसे करें

 जरूरी नहीं की हवन बड़ा ही करें, छोटा हवन भी आप कर सकते हैं छोटा हवन का अर्थ है कि आप खुद हवन कर सकते हैं। 

हवन सामग्री:- हवन सामग्री के लिए आप हवन कुंड,धूप, दीया, मिली हुई हवन सामग्री, जांटी की लकडि़यां,घी आदि।

 मंत्रों के उच्चारण के साथ:- अग्नि देव का मंत्र मां प्रकृति का मंत्र

 मंत्रों के उच्चारण से तन को शक्ति मिले। सब प्रेम से बैठकर हवन आप रोजाना कर सकते हैं अगर रोजाना ना हो पाए तब आप कुछ निश्चित समय रखकर भी कर सकते हैं। हवन करते समय आप पृथ्वी पर अग्निवास भी देख सकते हैं शुभ कार्य जिस समय किया जाता है वह समय शुभ ही होता है शुभ कार्य में देर नहीं होनी चाहिए।

 हवन से फायदा:- 

जब आप हवन करोगे तन मन में शांति और धन बढ़ेगा जब हमने हवन किया हवन से वातावरण शुद्ध हुआ उसके संपर्क में जो भी आएगा वह स्वच्छ वातावरण महसूस करेगा जिससे उसके मन में सकारात्मक विचार आएंगे जब सरकार तुम के विचार आएंगे तब सकारात्मक शब्द निकलेंगे वह आशीर्वाद है प्रकृति शुद्ध हो जाए कि हमारे तन और मां की बीमारियां मिट जाएगी शरीर शुद्ध होता है शुद्ध शरीर से शुद्ध विचार से मन में उच्च विचार आएंगे उच्च सोच होगी जिससे ज्ञान होगा तन मन धन को कभी बीमारी नहीं लगेगी धन समृद्धि बढ़ती जाएगी।

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